Meaning of
ग़ारत-ए-ईमाँ
ghaarat-e-eimaan • غارت ایمان
Hindi
विश्वास का विनाश; आस्था का पतन
English
destruction of faith; ruin of belief
Urdu
ایمان کی بربادی; عقیدہ کی تباہی
Origin
Arabic
Nuance
'ग़ारत-ए-ईमाँ' उस गहरे नुकसान की भावना को व्यक्त करता है जब किसी का विश्वास या आस्था टूट जाती है। यह ऐसी आध्यात्मिक तबाही के बाद आने वाले भावनात्मक उथल-पुथल और अस्तित्वगत संकट की बात करता है। कविता में, यह अक्सर संदेह और विश्वास के बीच संघर्ष का प्रतीक होता है।
Poetic Usage
कवि 'ग़ारत-ए-ईमाँ' का उपयोग आध्यात्मिक संकट और विश्वास की नाजुकता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह उन शेरों में आता है जो विश्वास की प्रकृति और संदेह के प्रभाव पर सवाल उठाते हैं। यह शब्द आंतरिक संघर्ष और सत्य की खोज की भावना को जागृत करता है।
Closing Insight
काव्यात्मक परिदृश्य में, 'ग़ारत-ए-ईमाँ' विश्वास और संदेह के बीच नाजुक संतुलन की मार्मिक याद दिलाता है। यह मानव आत्मा की दृढ़ता पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।