Meaning of

ग़म-ए-आक़िबत

gham-e-aqibat • غم عاقبت

अंत का दुख; परलोक की चिंता

sorrow of the end; concern for the afterlife

انجام کا غم; آخرت کی فکر

Persian

यह वाक्यांश जीवन के अनिवार्य अंत से जुड़ा एक गहरा, आत्मनिरीक्षणात्मक दुख उत्पन्न करता है। कविता में, यह अक्सर एक आध्यात्मिक या अस्तित्वगत चिंता को दर्शाता है, जहाँ हृदय मृत्यु के पार की सोच से भारी होता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग मृत्यु और आत्मा की यात्रा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह सांसारिक सुखों की क्षणभंगुरता को आत्मा की शाश्वत चिंताओं के साथ विपरीत करता है। अक्सर, यह जीवन की अस्थिरता की याद दिलाता है।

ग़म-ए-आक़िबत की शांत चिंतन में, कोई अस्तित्व के शाश्वत रहस्यों से गहरा संबंध पाता है।