Meaning of

ग़म-ए-बे-हिसाब

gham-e-be-hisaab • غم بے حساب

असीम दुःख; अनंत शोक

immeasurable sorrow; boundless grief

بے حساب غم; لامحدود دکھ

Persian

यह वाक्यांश उस दुःख की प्रबलता को दर्शाता है जो माप से परे है। कविता में, यह गहरे नुकसान या निराशा का सामना करने पर मानवीय भावना की गहराई को व्यक्त करता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग दुःख के अव्यक्त भार को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर हानि, लालसा और मानवीय स्थिति के विषयों से संबंधित छंदों में प्रकट होता है।

कविता में, 'ग़म-ए-बे-हिसाब' मानवीय दुःख के विशाल सागर के लिए एक पात्र बन जाता है।