Meaning of

ग़म-ए-बेहद

gham-e-behd • غم بے حد

असीम दुःख; अनंत शोक

immense sorrow; boundless grief

بے حد غم; لا محدود دکھ

Persian

'ग़म-ए-बेहद' अपने मूल अर्थ में उस दुःख की गहराई को दर्शाता है जो दिल की सहनशीलता की सीमाओं से परे लगता है। कविता ने इस शब्द को अपनाया है ताकि मानव दुःख की गहराई और उसकी व्यापकता को व्यक्त किया जा सके, जहाँ शब्द कम पड़ जाते हैं और मौन बहुत कुछ कह जाता है।

'ग़म-ए-बेहद' का उपयोग कवि अक्सर एक ऐसे हृदय की छवि को उभारने के लिए करते हैं जो दुःख में डूबा हुआ है। यह शब्द उन अनंत रातों का सार पकड़ता है जो मौन आँसुओं में बिताई जाती हैं। यह क्षणिक दुःख के विपरीत है, एक ऐसे शोक को दर्शाता है जो बना रहता है और रूपांतरित होता है।

कविता में 'ग़म-ए-बेहद' दुःख की स्थायी प्रकृति का प्रमाण है। यह हमें संवेदनशीलता में पाए जाने वाले मौन बल की याद दिलाता है।