Meaning of

ग़म-ए-दहर

gham-e-dehr • غم دہر

दुनिया का दुःख; अस्तित्व का शोक

sorrow of the world; grief of existence

دنیا کا غم; وجود کا دکھ

Persian

'ग़म-ए-दहर' सांसारिक अस्तित्व से जुड़े गहरे दुःख को दर्शाता है। कविता में, यह जीवन की क्षणभंगुर प्रकृति और मानव अनुभव के साथ आने वाले अनिवार्य दुःख के उदास सार को पकड़ता है।

कवि 'ग़म-ए-दहर' का उपयोग अस्तित्वगत निराशा और जीवन की क्षणभंगुर सुंदरता के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह अक्सर आनंद के क्षणों के विपरीत होता है, मानव अनुभव की द्वैतता को उजागर करता है।

'ग़म-ए-दहर' अस्तित्व की खट्टे-मीठे स्वभाव को समेटे हुए है। यह जीवन में जुड़े सौंदर्य और दुःख की याद दिलाता है।