Meaning of
ग़म-ए-जहाँ
gham-e-jahaan • غم جہاں
Hindi
दुनिया का दुःख; सांसारिक पीड़ा
English
sorrow of the world; worldly grief
Urdu
دنیا کا غم; دنیاوی دکھ
Origin
Persian
Ash'aar
Nuance
'ग़म-ए-जहाँ' वाक्यांश दुनिया की परेशानियों और मानव स्थिति से जुड़े गहरे दुःख को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर सार्वभौमिक पीड़ा और अस्तित्वगत चिंता को दर्शाता है, जो साझा मानव अनुभव के साथ गूंजता है।
Poetic Usage
कवि 'ग़म-ए-जहाँ' का उपयोग सांसारिक दुखों के भार को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह दृढ़ता, आशा, या अराजकता के बीच अर्थ की खोज के विषयों के लिए एक पृष्ठभूमि के रूप में काम कर सकता है।
Closing Insight
कविता के ताने-बाने में, 'ग़म-ए-जहाँ' साझा दुःख का एक धागा बुनता है, सहानुभूति और आत्मनिरीक्षण को आमंत्रित करता है।
