Meaning of

ग़म-ए-कौनैन

gham-e-kaunain • غم کونین

दोनों दुनियाओं का दुःख

sorrow of both worlds

دونوں جہانوں کا غم

Arabic

यह वाक्यांश उस गहरे दुःख को पकड़ता है जो सांसारिक और आध्यात्मिक क्षेत्रों की सीमाओं को पार करता है। कविता में, यह उस सार्वभौमिक दुःख को दर्शाता है जो हर आत्मा को छूता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग मानव पीड़ा की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह क्षणिक खुशियों के विपरीत है, दुःख की स्थायी प्रकृति पर जोर देता है।

कविता में, 'ग़म-ए-कौनैन' दुःख के साझा मानव अनुभव की एक मार्मिक याद दिलाता है।