Meaning of
ग़रीब-ए-वक़्त
ghareeb-e-waqt • غریب وقت
Hindi
समय का गरीब; क्षण का निर्धन
English
poor of time; destitute of the moment
Urdu
وقت کا غریب; لمحے کا محتاج
Origin
Persian
Nuance
'ग़रीब-ए-वक़्त' अभिव्यक्ति समय के साथ तालमेल में न होने की भावना को पकड़ती है, क्षणों के गुजरने से पीछे छूटने या निर्धन महसूस करने को दर्शाती है। कविता में, यह अक्सर एक लालसा या हानि की भावना को दर्शाता है, जहाँ समय स्वयं एक प्रतिद्वंद्वी बन जाता है।
Poetic Usage
कवि 'ग़रीब-ए-वक़्त' का उपयोग समय के विस्थापन और अस्तित्वगत गरीबी के विषयों का पता लगाने के लिए करते हैं। यह समय की निरंतर प्रगति के खिलाफ मानव संघर्ष के लिए एक रूपक के रूप में कार्य करता है।
Closing Insight
काव्यात्मक चिंतन में, 'ग़रीब-ए-वक़्त' समय और मानव दुर्बलता के बीच मार्मिक नृत्य का प्रतीक है।