Meaning of

ग़र्ज

gharz • غرض

उद्देश्य; इरादा

purpose; intention

مقصد; ارادہ

Arabic

वक़्फ़ हो "अशरफ़" वफ़ा की राह पर तुम इस लिए
ख़्वाहिशों को मार दो, ख़ुदगरज़ियाँ अंदर रखो

9

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मुझे यक़ीं है ये ज़हमत नहीं करेगा कोई
बिना गरज़ के मोहब्बत नहीं करेगा कोई

न ख़ानदान में पहले किसी ने इश्क़ किया
हमारे बा'द भी हिम्मत नहीं करेगा कोई

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मुझ को न दिल पसंद न वो बे-वफ़ा पसंद
दोनों हैं ख़ुद-ग़रज़ मुझे दोनों हैं ना-पसंद

29

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ग़रज़ कि काट दिए ज़िंदगी के दिन ऐ दोस्त
वो तेरी याद में हों या तुझे भुलाने में

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जुदा किसी से किसी का ग़रज़ हबीब न हो
ये दाग़ वो है कि दुश्मन को भी नसीब न हो

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दोस्ती और किसी ग़रज़ के लिए
वो तिजारत है दोस्ती ही नहीं

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जैसे सय्यादों को सय्यादी से रहती है ग़रज़
काम उस्तादों को वैसे अपनी उस्तादी से है

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किस मुँह से कह रहे हो हमें कुछ ग़रज़ नहीं
किस मुँह से तुम ने वा'दा किया था निबाह का

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मुफ़्लिसी में ज़कात कोई करे
बे-ग़रज़ मुझ सेे बात कोई करे

मुस्कुराते छिपा लिया दुख बहुत
दुख से हम को नजात कोई करे

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नफ़रत धोका बुग़्ज़ तअ'स्सुब झूट दिखावा ख़ुद-ग़रज़ी
कैसे कैसे ज़हर भरे हैं इंसाँ की शिरयानों में

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वक़्फ़ हो "अशरफ़" वफ़ा की राह पर तुम इस लिए
ख़्वाहिशों को मार दो, ख़ुदगरज़ियाँ अंदर रखो

9

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मुझे यक़ीं है ये ज़हमत नहीं करेगा कोई
बिना गरज़ के मोहब्बत नहीं करेगा कोई

न ख़ानदान में पहले किसी ने इश्क़ किया
हमारे बा'द भी हिम्मत नहीं करेगा कोई

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ग़र्ज़ कार्यों के पीछे के उद्देश्य या इरादे को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर पात्रों की छिपी हुई मंशाओं को उजागर करता है, उनकी कथाओं में जटिलता की परतें जोड़ता है।

कवि 'ग़र्ज़' का उपयोग अपने विषयों की प्रेरणाओं में गहराई से जाने के लिए करते हैं। यह स्वार्थी इच्छाओं या महान आकांक्षाओं को प्रकट कर सकता है, जो अक्सर बाहरी दिखावे के विपरीत होते हैं।

कविता में ग़र्ज़ इरादों के सच्चे सार को उजागर करता है, मानवीय कार्यों की सतह को चुनौती देता है।