Meaning of
ग़रज़-परस्त
ghaz-parast • غرض پرست
Hindi
स्वार्थी; अवसरवादी
English
self-serving; opportunistic
Urdu
غرض پرست; موقع پرست
Origin
Persian
Nuance
ग़रज़-परस्त उस व्यक्ति का वर्णन करता है जो स्वार्थ से प्रेरित होता है, अक्सर दूसरों की कीमत पर। कविता में, इसका उपयोग मानव स्वभाव के भीतर स्वार्थी प्रवृत्तियों की आलोचना करने के लिए किया जाता है, ऐसे व्यवहार के नैतिक और नैतिक निहितार्थों को उजागर करता है।
Poetic Usage
कवि 'ग़रज़-परस्त' का उपयोग लालच और महत्वाकांक्षा के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह सामूहिक कल्याण पर व्यक्तिगत लाभ को प्राथमिकता देने के खतरों के बारे में एक चेतावनी कथा के रूप में कार्य करता है।
Closing Insight
काव्यिक क्षेत्र में, 'ग़रज़-परस्त' मानव इच्छा के गहरे रंगों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाता है।