Meaning of

ग़ुबार

ghubaar • غبار

धूल; धुंध; उलझन

dust; haze; confusion

گرد; دھند; الجھن

Arabic

ग़ुबार दिल में रहा ज़ख़्म भर नहीं पाया
हुई थी बात मगर बात थी अधूरी सी

0

Download Image

ग़ुबार-ए-वक़्त में अब किस को खो रही हूँ मैं
ये बारिशों का है मौसम कि रो रही हूँ मैं

38

Download Image

ज़रा मौसम तो बदला है मगर पेड़ों की शाख़ों पर नए पत्तों के आने में अभी कुछ दिन लगेंगे
बहुत से ज़र्द चेहरों पर ग़ुबार-ए-ग़म है कम बे-शक पर उन को मुस्कुराने में अभी कुछ दिन लगेंगे

33

Download Image

मुझे तो उस का भीतरी ग़ुबार है निकालना
सो आँख चूमता हूँ उस के होंठ चूमता नहीं

29

Download Image

एक गुब्बारे की क़ीमत अब पता मुझ को चली
एक गुम-सुम है खड़ा और एक रोता घर गया

5

Download Image

कितनी उजलत में दुनिया बनाई ख़ुदा
कितने बच्चों को दुख मारे गुब्बारे हैं

3

Download Image

ये फ़ज़ा की गर्द-ओ-ग़ुबार में तू ज़रा सी धूल उछाल दे
कोई पूछे क्या है ये ज़िंदगी उसे इस तरह तू मिसाल दे

जो चला गया वो चला गया नहीं आएगा कभी लौट कर
मेरा मश्वरा है तू मान ले उसे दिल से अपने निकाल दे

2

Download Image

इतवार का इस सोमवार से पीछा छूटे
खमखा के इस गर्दो गुबार से पीछा छूटे

मैं मरूँ एक रोज़ तो ये कहानी ख़त्म हो
रोज़ रोज़ के इस इंतिज़ार से पीछा छूटे

1

Download Image

ग़ुबार-ए-ग़म नज़र से छट रहा है
बहुत दिन बा'द आया ईद का दिन

0

Download Image

भला उन बच्चों को अच्छा लगेगा क्या
जिन्हें तब दुनिया दिखती थी ग़ुबारे में

0

Download Image

ग़ुबार दिल में रहा ज़ख़्म भर नहीं पाया
हुई थी बात मगर बात थी अधूरी सी

0

Download Image

ग़ुबार-ए-वक़्त में अब किस को खो रही हूँ मैं
ये बारिशों का है मौसम कि रो रही हूँ मैं

38

Download Image

ग़ुबार धूल के हवा में घूमने की छवि को उभारता है, जो दृष्टि को धुंधला कर देता है और रहस्य की भावना पैदा करता है। कविता में, यह अक्सर उलझन या भावनात्मक उथल-पुथल का प्रतीक होता है, जहाँ विचारों के घूमने के बीच स्पष्टता खो जाती है।

कवि ग़ुबार का उपयोग एक परेशान मन की आंतरिक अराजकता को दर्शाने के लिए करते हैं। यह समय के गुजरने का भी प्रतिनिधित्व कर सकता है, जहाँ यादें धुंधली हो जाती हैं। यह शब्द स्पष्टता और पवित्रता के विपरीत है, समझ के लिए संघर्ष को उजागर करता है।

ग़ुबार धुंधले भावनाओं और विचारों का सार पकड़ता है, हृदय की स्पष्टता पर एक काव्यात्मक परदा।