Meaning of
ग़ुरूब-ए-मेहर
ghuroob-e-mehr • غروب مہر
Hindi
सूर्यास्त; सूर्य का अवसान
English
sunset; decline of the sun
Urdu
غروب آفتاب; سورج کا زوال
Origin
Arabic
Nuance
‘ग़ुरूब-ए-मेहर’ का मूल अर्थ सूर्य के क्षितिज पर अस्त होने की छवि को जगाता है, जो दिन से रात में परिवर्तन का क्षण है। कविता में, यह क्षण अक्सर शक्ति के पतन, यात्रा के अंत, या आशा के मुरझाने का प्रतीक बन जाता है।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'ग़ुरूब-ए-मेहर' का उपयोग उदासी और चिंतन के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह समय के अपरिहार्य प्रवाह या अंत की कड़वाहट को दर्शा सकता है।
Closing Insight
सूर्य के शांत अवसान में, कवि आत्मा की अपनी संध्या का प्रतिबिंब पाते हैं।