Meaning of

ग़ुरूर-ए-इंसाँ

ghuroor-e-insaan • غرور انساں

मनुष्य का गर्व; मानव अहंकार

pride of man; human arrogance

انسان کا غرور; انسانی تکبر

Persian

यह वाक्यांश मानव स्वभाव में निहित गर्व और अहंकार को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर मानव महत्वाकांक्षा और विनम्रता के बीच के तनाव का प्रतीक होता है, जो मानव अहंकार की नाजुकता पर विचार करता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग अहंकार और पतन के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह मानव गर्व की क्षणभंगुर प्रकृति को विनम्रता और ज्ञान के शाश्वत सत्य के साथ विरोधाभास करता है।

गर्व और विनम्रता के नृत्य में, कविता अपनी गहन प्रतिबिंब पाती है।