Meaning of

ग़ुरूर-ए-शब

ghuroor-e-shab • غرور شب

रात का गर्व; अंधकार का अहंकार

pride of night; arrogance of darkness

رات کا غرور; تاریکی کا تکبر

Persian

यह वाक्यांश रात की भव्यता और कभी-कभी डराने वाली उपस्थिति को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर रहस्यमय आकर्षण और दुनिया पर अंधकार के मौन प्रभुत्व का प्रतीक होता है। रात, अपनी विशालता और गहराई के साथ, एक अंतर्निहित गर्व, अपनी शक्ति का एक शांत दावा करती है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग एकांत और आत्मनिरीक्षण के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह रहस्य में लिपटे एक चरित्र के आंतरिक गर्व को भी दर्शा सकता है। रात छिपी हुई भावनाओं और अनकहे विचारों का रूपक बन जाती है।

रात की गोद में, गर्व को एक मौन आवाज़ मिलती है। यह अनदेखे और अनकहे की फुसफुसाहट करता है।