Meaning of

ग़ुरूर-ए-तिश्ना-लबी

ghuroor-e-tishna-labi • غرور تشنہ لبی

सूखे होंठों का गर्व; अधूरी प्यास

pride of parched lips; unquenched thirst

تشنہ لبوں کا غرور; ادھوری پیاس

Persian

यह वाक्यांश चाहत में गर्व के विरोधाभास को व्यक्त करता है, जहाँ संतोष की अनुपस्थिति ही शक्ति का स्रोत बन जाती है। यह अधूरी इच्छाओं में पाए जाने वाले धैर्य और अपूर्ण आकांक्षाओं की सुंदरता को दर्शाता है।

कवि इसका उपयोग चाहत में पाए जाने वाले बल और अधूरी इच्छाओं को सहने के गर्व को उजागर करने के लिए करते हैं। यह संघर्ष में सुंदरता और लालसा में गरिमा का प्रतीक हो सकता है।

सूखे होंठों के गर्व में, मानव इच्छा की स्थायी भावना का प्रमाण होता है।