Meaning of

हबाब

habaab • حباب

बुलबुला; मृगतृष्णा

bubble; illusion

بلبلہ; سراب

Arabic

झुक के मिलना मेरी आदत नहीं मजबूरी है
मैं ने अहबाब के एहसान उठाए हुए हैं

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ख़्बाब आँखों में बंद कर लेते
बात गर दिल की चंद कर लेते

आप भी हो ही जाते दीवाने
गर किसी को पसंद कर लेते

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आज पलटे जो ख़्बाब के पन्ने
मैं ने दिल की किताब के पन्ने

वक़्त ने देख मोड़ रक्खे हैं
तेरे हुस्नो शबाब के पन्ने

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मेरी जवानी को कमज़ोर क्यूँ समझते हो
तुम्हारे वास्ते अब भी शबाब बाक़ी है

ये और बात है बोतल ये गिर के टूट गई
मगर अभी भी ज़रा सी शराब बाक़ी है

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जैसे पतवार सफ़ीने के लिए होते हैं
दोस्त अहबाब तो जीने के लिए होते हैं
इश्क़ में कोई तमाशा नहीं करना होता
अश्क जैसे भी हों पीने के लिए होते हैं

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जवाँ होने लगे जब वो तो हम से कर लिया पर्दा
हया यक-लख़्त आई और शबाब आहिस्ता आहिस्ता

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तसव्वुर में भी अब वो बे-नक़ाब आते नहीं मुझ तक
क़यामत आ चुकी है लोग कहते हैं शबाब आया

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न तेरे आने से मेरा शबाब लौटा है
न दिल लगाने से मेरा शबाब लौटा है

क़सम ख़ुदा की बताता हूँ राज़ ये तुम को
नहारी खाने से मेरा शबाब लौटा है

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ज़ब्त से चूर हो गया होगा
ग़म से मामूर हो गया होगा

बज़्म-ए-अहबाब छोड़ने वाला
कितना मजबूर हो गया होगा

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मिरी वफ़ा का तिरा लुत्फ़ भी जवाब नहीं
मिरे शबाब की क़ीमत तिरा शबाब नहीं

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झुक के मिलना मेरी आदत नहीं मजबूरी है
मैं ने अहबाब के एहसान उठाए हुए हैं

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ख़्बाब आँखों में बंद कर लेते
बात गर दिल की चंद कर लेते

आप भी हो ही जाते दीवाने
गर किसी को पसंद कर लेते

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हबाब शब्द बुलबुले की नाज़ुक और क्षणभंगुर प्रकृति को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर जीवन के क्षणिक और मृगतृष्णा जैसे पहलुओं का प्रतीक होता है, उन क्षणों की सुंदरता और क्षणभंगुरता को पकड़ता है जो उतनी ही जल्दी गायब हो जाते हैं जितनी जल्दी आते हैं।

कवि 'हबाब' का उपयोग सपनों और आकांक्षाओं की नाजुकता व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर अधिक स्थायी तत्वों के विपरीत होता है, वास्तविकता और मृगतृष्णा के बीच के तनाव को उजागर करता है।

हबाब जीवन की क्षणभंगुर सुंदरता का सार पकड़ता है, वास्तविकता और सपनों के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।