Meaning of

हर्फ़-ए-इश्क़

harf-e-ishq • حرف عشق

प्रेम का शब्द; स्नेह की अभिव्यक्ति

word of love; expression of affection

محبت کا لفظ; محبت کا اظہار

Arabic

"बीते लम्हें"
जो थे हर लम्हे में सिर्फ़ मेरे

उन सेे अब साझा हम जज़्बात नहीं करते
जो कुछ वक़्त बात न होने पर नाराज़ हुआ करते थे

हाँ यार उन सेे अब हम बात नहीं करते
जिन की ज़ुल्फ़ों में थी हर छाँव मेरी

वो अब इस बेग़ैरत धूप में भी बरसात नहीं करते
जिन के लबों से हम इश्क़ पढ़ा करते थे

अब ग़म हो या ख़ुशी हम मुलाक़ात नहीं करते
याद आए मुझे उन के सात जन्मों के कुछ वादे

कमबख़्त इस जन्म में भी वादों के साथ नहीं चलते
जिन्होंने सिखाया था मुझे चलने का हुनर

वो अब गिर जाने पर भी आगे हाथ नहीं करते
हर्फ़-ए-इश्क़ सीखा हम ने जिन दिलो से

वो दिल भी अब दिल का काम नहीं करते
आँसू भी अब सूखे से आते है हुज़ूर

ये आँसू भी ठीक से ख़ैरात नहीं करते

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मूल रूप से, 'हर्फ़-ए-इश्क़' प्रेम को व्यक्त करने वाले शब्द या अभिव्यक्ति को दर्शाता है। कविता ने इस सरल धारणा को भावनाओं के ब्रह्मांड में विस्तारित कर दिया है, जहाँ एक शब्द ही प्रेम, तड़प और कोमलता की गहराई को प्रकट कर सकता है। यह अनकहे के लिए एक माध्यम बन जाता है, दिलों के बीच एक पुल।

'हर्फ़-ए-इश्क़' का उपयोग कवि अक्सर प्रेम की अव्यक्त प्रकृति को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह प्रेमियों के बीच अनकहे वादों का प्रतीक हो सकता है। यह मौन तड़प को भी दर्शा सकता है जिसे शब्द व्यक्त नहीं कर पाते।

कविता के क्षेत्र में, 'हर्फ़-ए-इश्क़' केवल एक शब्द नहीं है; यह भावनाओं का एक ब्रह्मांड है जो खोजे जाने की प्रतीक्षा कर रहा है।