Meaning of

ह़सीं

haseen • حسین

सुंदर; प्यारा

beautiful; lovely

خوبصورت; پیارا

Arabic

कितने हसीं हो माशा-अल्लाह
तुम पे मोहब्बत ख़ूब जचेगी

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कोई हसीन बदन जिन की दस्तरस में नहीं
यही कहेंगे कि कुछ फ़ाएदा हवस में नहीं

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ख़ुद को इतना भी मत बचाया कर
बारिशें हों तो भीग जाया कर

काम ले कुछ हसीन होंठों से
बातों बातों में मुस्कुराया कर

102

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झूठ है सब, ज़हीन धोका है
इस नज़र का यक़ीन धोका है

टूट जाएगा दिल तो समझोगे
ये मुहब्बत हसीन धोका है

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न पूछो हुस्न की ता'रीफ़ हम से
मोहब्बत जिस से हो बस वो हसीं है

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ये बहस छोड़ कि कितनी हसीन है दुनिया
तू ये बता कि तेरा दिल कहीं लगा कि नहीं

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या'नी कि इश्क़ अपना मुकम्मल नहीं हुआ
गर मैं तुम्हारे हिज्र में पागल नहीं हुआ

वो शख़्स सालों बा'द भी कितना हसीन है
वो रंग कैनवस पे कभी डल नहीं हुआ

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छू लेने दो नाज़ुक होंठों को, कुछ और नहीं हैं जाम हैं ये
क़ुदरत ने जो हम को बख़्शा है, वो सब सेे हसीं ईनाम हैं ये

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हसीन लड़कियाँ ख़ुश्बूएँ चाँदनी रातें
और इन के बा'द भी ऐसी सड़ी हुई दुनिया

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मुझ को फिर से हसीन लगने लगी
उस ने इस तरह पेश की दुनिया

मुझ को अपनी समझ नहीं आती
और ऊपर से ये तेरी दुनिया

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कितने हसीं हो माशा-अल्लाह
तुम पे मोहब्बत ख़ूब जचेगी

53

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कोई हसीन बदन जिन की दस्तरस में नहीं
यही कहेंगे कि कुछ फ़ाएदा हवस में नहीं

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हसीं शब्द एक ऐसी सुंदरता का आभास कराता है जो भौतिकता से परे है, और अलौकिकता तथा दिव्यता को छूता है। कविता में, यह अक्सर प्रिय की मोहकता या प्रकृति की मनमोहक सुंदरता को दर्शाता है।

कवि 'हसीं' का प्रयोग प्रेमी की मोहकता को दर्शाने के लिए करते हैं। इसका उपयोग परिदृश्यों, सूर्यास्तों, और क्षणिक सुंदरता के कोमल चित्रण के लिए भी किया जाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'हसीं' सुंदरता के स्थायी आकर्षण को समर्पित एक शाश्वत श्रद्धांजलि है।