Meaning of

इलतजा

iltajaa • التجا

अनुरोध; विनती; प्रार्थना

request; plea; supplication

درخواست; التجا; دعا

Arabic

इक़रार कर के हर दफ़ा इनकार करता है
है इल्तिजा मेरी कि हुनर ये सिखा मुझे

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कहीं वो आ के मिटा दें न इंतिज़ार का लुत्फ़
कहीं क़ुबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी

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मैं वो शख़्स हूँ जो ख़ुद से ख़फ़ा हूँ लेकिन
है इतनी इल्तेजा तुम कभी नाराज़ मत होना

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उस से उल्फ़त की इल्तिजा करना
या'नी पत्थर को पूजते जाना

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जान-ए-मन मैं आइनों में भी तुम्हारा रूप
देखता जो हूँ कभी तो इल्तिजा के साथ

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ये हक़ीक़त है, मज़हका नहीं है
वो बहुत दूर है, जुदा नहीं है

तेरे होंटों पे रक़्स करता है
राज़ जो अब तलक खुला नहीं है

जान ए जांँ तेरे हुस्न के आगे
ये जो शीशा है, आइना नहीं है

क्यूँ शराबोर हो पसीने में
मैं ने बोसा अभी लिया नहीं है

उस का पिंदार भी वहीं का वहीं
मेरे लब पर भी इल्तेजा नहीं है

जो भी होना था हो चुका काज़िम
अब किसी से हमें गिला नहीं है

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चीख़ निकलेगी आह निकलेगी
अब तो ये बेपनाह निकलेगी

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मुख़्तसर सी तेरी जो मोहब्बत मिले
आप से दिल की ये इल्तिजा हो गई

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न हो अब मुहब्बत यही इल्तिजा है
मुहब्बत मुहब्बत नहीं इक सज़ा है

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अब न तौबा कोई न कोई दुआ
इल्तिजा है न कोई भी शिकवा

अब नवाज़े या छीन ले मुझ से
उस की मर्ज़ी है अब जो चाहे ख़ुदा

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इक़रार कर के हर दफ़ा इनकार करता है
है इल्तिजा मेरी कि हुनर ये सिखा मुझे

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कहीं वो आ के मिटा दें न इंतिज़ार का लुत्फ़
कहीं क़ुबूल न हो जाए इल्तिजा मेरी

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'इलतजा' शब्द में विनम्रता और गहनता का भाव निहित है। यह एक ऐसी छवि प्रस्तुत करता है जिसमें कोई व्यक्ति खुले हाथों से कुछ पाने की आशा में आगे बढ़ता है। कविता में, यह केवल अनुरोध करने का कार्य नहीं रह जाता, बल्कि यह साधक और ईश्वर या प्रिय के बीच एक पुल बन जाता है।

कवि 'इलतजा' का उपयोग मानव आत्मा की नाजुकता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर उन पंक्तियों में प्रयोग किया जाता है जहाँ वक्ता किसी प्रकार की लालसा या निराशा में होता है। यह शब्द आध्यात्मिक तड़प या गहरी भावनात्मक विनती को व्यक्त करने के लिए भी प्रयोग किया जा सकता है।

अपने सार में, 'इलतजा' एक गहरे अर्थ वाला शब्द है, जो आत्मा की गहन पुकार को पकड़ता है। यह खोज और लालसा के सार्वभौमिक मानव अनुभव के साथ गूंजता है।