Meaning of

ख़स्ता

khasta • خستہ

थका हुआ; टूटा हुआ; क्लांत

worn out; broken; weary

خستہ; ٹوٹا ہوا; تھکا ہوا

Persian

निभा देते हैं गहरी दोस्ती जो हाल अच्छे हों
अगर हो हाल ख़स्ता साथ तब कोई नहीं देता

रहेंगे साथ सारे हाथ दोनों गर सलामत हों
मगर हों हाथ टूटे हाथ तब कोई नहीं देता

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दीवार क्या गिरी मिरे ख़स्ता मकान की
लोगों ने मेरे सेहन में रस्ते बना लिए

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इरादा फिर किसी से कर लिया उस ने मोहब्बत का
सो अब ये देखना है कौन है ज़द में तबाही के

चलो अब अशरफ़-ए-ख़स्ता यहाँ से कूच करते हैं
बहुत एहसान तुम पर हो गए हैं जिंदगानी के

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छूटने वाले तो मुड़कर ही खड़े रहते हैं
छोड़ने वाले पलटकर नहीं देखा करते

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याद उस को इस क़दर मैं ने किया
उम्र भर उस
में सफ़र मैं ने किया

कोई तो आ कर के बैठेगा यहाँ
सोच कर ख़स्ता जिगर मैं ने किया

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झूट होगा जो कहें फेंक दी तस्वीर उस की
देखते तो हैं प अक्सर नहीं देखा करते

छूटने वाले तो मुड़कर ही खड़े रहते हैं
छोड़ने वाले पलटकर नहीं देखा करते

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ये न सोचो कि मुझ को ख़बर है नहीं
सठ की मुफलिसों पर नज़र है नहीं

हाल ख़स्ता हमारा यहाँ देखिए
गाँव मेरा बड़ा सा शहर है नहीं

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एजाज़-ए-शायरी कहो अपनी ज़बान से
ख़स्ता सोहेल शे'र सुनाओ न तुम कभी

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ऐ शाहज़ादी दिल-ए-ख़स्ता का दिफ़ा करना
मैं अपना दिल तेरे कूचे में छोड़ आया हूँ

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तू ने जिस हालत में मुझ को पाया था
उस से ख़स्ताहालत में छोड़ा तू ने

मैं ने सोचा था तू मुझ को जोड़ेगा
टूटे दिल को किस हद तक तोड़ा तू ने

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निभा देते हैं गहरी दोस्ती जो हाल अच्छे हों
अगर हो हाल ख़स्ता साथ तब कोई नहीं देता

रहेंगे साथ सारे हाथ दोनों गर सलामत हों
मगर हों हाथ टूटे हाथ तब कोई नहीं देता

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दीवार क्या गिरी मिरे ख़स्ता मकान की
लोगों ने मेरे सेहन में रस्ते बना लिए

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ख़स्ता थकावट और नाजुकता की भावना को व्यक्त करता है। यह जीवन की निरंतर परीक्षाओं से आने वाली थकान की बात करता है। कविता में, यह मानवीय आत्मा की नाजुकता को पकड़ता है, वे क्षण जब ताकत लड़खड़ाती है।

कवि अक्सर ख़स्ता का उपयोग सपनों और आकांक्षाओं की नाजुकता को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह सहनशक्ति के टूटने के बिंदु या भाग्य के प्रति शांत समर्पण का प्रतीक हो सकता है। यह शब्द मानवीय सीमाओं की मार्मिक याद दिलाता है।

ख़स्ता दृढ़ता और समर्पण के बीच के नाजुक नृत्य को दर्शाता है, मानवता की स्थायी भावना का प्रमाण है।