Meaning of

ख़याली

khayaali • خیالی

काल्पनिक; मनगढंत; भ्रमात्मक

imaginary; fanciful; illusory

خیالی; فرضی; وہمی

Arabic

तेरे ख़याल में थे गुम अपना ख़याल किस को था
ऐसी भी बे-ख़याली का यार मलाल किस को था

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बात करते हुए बे-ख़याली में ज़ुल्फ़ें खुली छोड़ दी
हम निहत्थों पे उस ने ये कैसी बलाएँ खुली छोड़ दी

साथ जब तक रहे एक लम्हे को भी रब्त टूटा नहीं
उस ने आँखें अगर बंद कर ली तो बाँहें खुले छोड़ दी

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जब से पेट पे पाँव रखा है दुनिया ने
हम को दिल का दर्द ख़याली लगता है

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ख़ुद को मेरे दिल में रख कर भूल जा
बेख़याली इस कदर बढ़ जाने दे

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ये जो इश्क़–ओ–उल्फ़त वाली भोली-भाली बातें हैं
सुन तुझ को इक बात बताऊँ सारी ख़ाली बातें हैं

हाँ इक ऐसा दौर था जिस
में बातें ख़त्म न होती थीं
अब बातें होने की बातें सिर्फ़ ख़याली बातें हैं

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बद-हवा सेी है बे-ख़याली है
क्या ये हालत भी कोई हालत है

ज़िंदगी से है जंग शाम-ओ-सहर
मौत से शिकवा है शिकायत है

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हैं जो बातें ये बस ख़याली हैं
और फिर हाथ भी तो ख़ाली हैं

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कभी सुकून मुयस्सर नहीं हुआ मुझ को
दिल ए फ़क़ीर दुखाया था बेख़याली में

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हाथ झाड़े थे बे-ख़याली में
गिर गए यार आस्तीनों से

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अगर इश्क़ हो मुस्तक़िल हो वो फिर
ये इम्कान बेज़ा ख़याली न हो

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तेरे ख़याल में थे गुम अपना ख़याल किस को था
ऐसी भी बे-ख़याली का यार मलाल किस को था

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बात करते हुए बे-ख़याली में ज़ुल्फ़ें खुली छोड़ दी
हम निहत्थों पे उस ने ये कैसी बलाएँ खुली छोड़ दी

साथ जब तक रहे एक लम्हे को भी रब्त टूटा नहीं
उस ने आँखें अगर बंद कर ली तो बाँहें खुले छोड़ दी

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'ख़याली' मन की असीम रचनात्मकता और उसके द्वारा बुने जा सकने वाले भ्रमों की छवियाँ प्रस्तुत करता है। कविता में, यह अक्सर सपनों और इच्छाओं की क्षणभंगुर प्रकृति, वास्तविकता और कल्पना के बीच के नाजुक नृत्य को दर्शाता है।

कवि 'ख़याली' का उपयोग कल्पना के क्षेत्रों और दिल की गहरी इच्छाओं को खोजने के लिए करते हैं। यह प्रेम के मृगतृष्णा, अप्राप्य सपनों के आकर्षण, या अपने विचारों की दुनिया में मिलने वाले सांत्वना को दर्शा सकता है।

'ख़याली' हमें हमारे सपनों की शक्ति और नाजुकता की याद दिलाता है। अक्सर कल्पना के क्षेत्र में ही हम अपने सच्चे स्वरूप को पाते हैं।