Meaning of

ख़ुल्क़

khulk • خلق

स्वभाव; चरित्र; प्रवृत्ति

nature; character; disposition

فطرت; کردار; مزاج

Arabic

हम क़ैदी भी रिहा किए जाएँ इक दिन
हम लोगों को भी तो खुलकर जीना है

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मैं उस सेे दूर था तो शोर था साजिश है, साजिश है
उसे बाहों में खुलकर कस लिया दो पल तो हंगामा

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सियाह रात की सरहद के पार ले गया है
अजीब ख़्वाब था आँखें उतार ले गया है

है अब जो ख़ल्क़ में मजनूँ के नाम से मशहूर
वो मेरी ज़ात से वहशत उधार ले गया है

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अकेले में भी खुलकर हँस रहा हूँ
उसे ये सुनके रोना आ रहा है

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यूँँ हँसकर के कलेजा माँगना अच्छा नहीं लेकिन
मेरे अंदर सितमगर है तो खुलकर क्यूँ नहीं आता

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अपनी गली में मुझ को न कर दफ़्न बाद-ए-क़त्ल
मेरे पते से ख़ल्क़ को क्यूँँ तेरा घर मिले

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मैं खुलकर मुस्कुराना चाहता हूँ
किसी का ग़म भुलाना चाहता हूँ

मेरा मक़सद तुम्हें पाना नहीं है
मगर माँ से मिलाना चाहता हूँ

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बारिश में तो ये आँखें खुलकर रोती हैं
मैं ने थैले में अपने छाता रक्खा है

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ख़ुद ही ज़ख़्मों को सीते हैं
आँसू भी हँसकर पीते हैं

रोना धोना छोड़ दिया है
अब तो हम खुलकर जीते हैं

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ख़ल्क़-ए-आदम से आज तक अकबर
कोई हक़ को छुपा नहीं पाया

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हम क़ैदी भी रिहा किए जाएँ इक दिन
हम लोगों को भी तो खुलकर जीना है

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मैं उस सेे दूर था तो शोर था साजिश है, साजिश है
उसे बाहों में खुलकर कस लिया दो पल तो हंगामा

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मूल रूप से, 'ख़ुल्क़' का अर्थ व्यक्ति के अंतर्निहित गुणों या मौलिक स्वभाव से है। कविता अक्सर मानव चरित्र की जटिलताओं में गहराई से उतरती है, 'ख़ुल्क़' का उपयोग आत्मा के भीतर छिपी गहराइयों और विरोधाभासों की खोज के लिए करती है।

'ख़ुल्क़' का उपयोग कवि अक्सर बाहरी रूप और आंतरिक वास्तविकता के बीच विरोधाभास दिखाने के लिए करते हैं। यह व्यक्ति के सच्चे स्वभाव और सामाजिक अपेक्षाओं के बीच संघर्ष को उजागर कर सकता है।

'ख़ुल्क़' अस्तित्व के सार पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है। यह आत्मा के सच्चे रूप का दर्पण है।