Meaning of

ख़ुश-हाल

khush-haal • خوشحال

समृद्ध; खुश; सुखी

prosperous; happy; well-off

خوشحال; خوش; خوشگوار

Persian

दिवाली ईद हो या कोई हो त्योहार फिर दूजा
मनाओ साथ मिल कर सब रहो ख़ुशहाल भारत में

1

Download Image

झूला बाप का कंधा था तब माँ का आँचल ख़ुशहाली थी
ईद मनाते थे हर दिन ही तब हर रात दिवाली थी

9

Download Image

कमाने का कोई ज़रिया नहीं होती ये फनकारी
मगर फ़ाक़े बिता कर कोई शाइ'र जी नहीं सकता

6

Download Image

ख़ुशहाल ज़िंदगी की अधूरी तलाश में
मैं ने बना लिया है ठिकाना ही लाश में

वो देखता है मुझ को मुहब्बत में इस तरह
जोकर को देखते हैं जैसे लोग ताश में

4

Download Image

ख़ुशहाल दिल होता रहा हर बात पर उस की
उस के बिना इस आँख में अब तक नमी सी है

3

Download Image

हर मकतब के दरवाज़े पर जा-जाकर सज्दा करता अब
मक़्सद मेरा मत पूछो बस याद-ए-रफ़्ता ले जाए जब

3

Download Image

कहकशाँ देख ज़मीं पर किसी मकतब जा कर
कितने तारे तो चटाई पे पड़े मिलते हैं

2

Download Image

मेरे बाबा ने मेरी ज़िंदगी ख़ुशहाल करने को
सब अपनी ख़ुशियाँ वारी हैं सब अपने ख़्वाब बेचे हैं

1

Download Image

उस ने कहा वो इश्क़ के मकतब नहीं जाता कभी
तो अश्क की पहचान कैसे हो गई उस को मिरे

1

Download Image

इश्क़ के मकतब में मिलती है फ़क़त उन को ही छुट्टी
बे-वफ़ाई और जफ़ाई का हुनर आता हो जिन को

1

Download Image

दिवाली ईद हो या कोई हो त्योहार फिर दूजा
मनाओ साथ मिल कर सब रहो ख़ुशहाल भारत में

1

Download Image

झूला बाप का कंधा था तब माँ का आँचल ख़ुशहाली थी
ईद मनाते थे हर दिन ही तब हर रात दिवाली थी

9

Download Image

'ख़ुश-हाल' एक सुख और संतोष की स्थिति को दर्शाता है। इसकी काव्यात्मक रूप में, यह केवल भौतिक संपत्ति से परे जाता है, एक गहरी, अधिक आध्यात्मिक पूर्ति और आनंद का सुझाव देता है।

कवि अक्सर 'ख़ुश-हाल' का उपयोग आंतरिक शांति और सद्भाव के जीवन को चित्रित करने के लिए करते हैं। यह संघर्ष या कठिनाई को दर्शाने वाले शब्दों के विपरीत है, एक शांत और पूर्ण अस्तित्व को उजागर करता है।

कविता में 'ख़ुश-हाल' संतोष में पाई जाने वाली सुंदरता की एक कोमल याद दिलाता है। यह संतुलन और अनुग्रह में जीए गए जीवन की फुसफुसाहट करता है।