Meaning of

कू-ए-दोस्त

koo-e-dost • کو دوست

प्रिय की गली; प्रिय तक का मार्ग

street of the beloved; path to the beloved

محبوب کی گلی; محبوب تک کا راستہ

Persian

ख़ुद को हमारी आँख से ओझल किया गया
इस तरह हम को दोस्तों पागल किया गया

अफ़सोस है शजर मुझे गुलशन को इश्क़ के
हिजरत का कर के फ़ैसला मक़्तल किया गया

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ये तेरा सब सेे मिलना और सभी को दोस्त कहना
मोहब्बत की ज़बाँ में ये गद्दारी है गद्दारी

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भला अब याद किस को दोस्त आती है
कि ये इक रस्म है जो बस निभा दी है

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अपनी कमी के वास्ते दुनिया को दोष दें
माना कि वाहियात हैं पर उस तरह नहीं

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हवा को दोष मत देना अभी सोचो
शराफ़त आग में होती जुदा होती

सियासत ने दिलों में है भरी नफ़रत
वगर्ना आज वो मुझ पर फ़िदा होती

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कुछ लोगों को दोस्त बनाने में हम ने
बाक़ी दुनिया को दुश्मन कर डाला है

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'गर ऐसे ही ख़ाली बैठे रहते हो
मुझ को दोस्त बना लो ना, क्या कहते हो?

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कहें गर दोस्त उस को दोस्ती जिस ने निभाई हो
तो मेरे ग़म तुझे इस फ्रेंडशिप डे की बधाई हो

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ख़ुदा तू जानता है मेरे दिल का हाल
सो मुझ को दोस्त धोकेबाज़ मत देना

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जो कितनों के लिए इक ख़्वाब सा है
ये रहमत उस की मुझ को दोस्त माना

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ख़ुद को हमारी आँख से ओझल किया गया
इस तरह हम को दोस्तों पागल किया गया

अफ़सोस है शजर मुझे गुलशन को इश्क़ के
हिजरत का कर के फ़ैसला मक़्तल किया गया

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ये तेरा सब सेे मिलना और सभी को दोस्त कहना
मोहब्बत की ज़बाँ में ये गद्दारी है गद्दारी

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यह वाक्यांश लालसा और भक्ति की छवियाँ उत्पन्न करता है, जहाँ प्रिय तक का मार्ग एक भौतिक यात्रा और आध्यात्मिक खोज का रूपक दोनों है। यह प्रेमी की तड़प और समर्पण को दर्शाता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग प्रेम की ओर भावनात्मक और कभी-कभी कठिन यात्रा को उजागर करने के लिए करते हैं। यह प्रिय के साथ मिलन की खोज में सामना की गई परीक्षाओं और कष्टों का प्रतीक है।

कू-ए-दोस्त सपनों और इच्छाओं से सजी एक राह है, जो दिल के अंतिम गंतव्य की ओर ले जाती है।