Meaning of

कुम

kum • کم

कम; थोड़े

less; few

کم; تھوڑے

Arabic

जब मुंडेरों से धूप ढलती है
तो कमी उस की मुझ को खलती है

जो हथेली पे अपनी लिखती थी
दोस्ती प्यार में बदलती है

77

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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है
जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है

मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है
वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है

214

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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है
फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है

तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती
तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है

166

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बात ही कब किसी की मानी है
अपनी हठ पूरी कर के छोड़ोगी

ये कलाई ये जिस्म और ये कमर
तुम सुराही ज़रूर तोड़ोगी

162

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क्या बोला मुझे ख़ुद को तुम्हारा नहीं कहना
ये बात कभी मुझ सेे दुबारा नहीं कहना

ये हुक़्म भी उस जान से प्यारे ने दिया है
कुछ भी हो मुझे जान से प्यारा नहीं कहना

116

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हम ने पर्चे आँसुओं से भर दिए
और तुम ने इतने कम नंबर दिए

ऊंचे नीचे घर थे बस्ती में बहुत
जलजले ने सब बराबर कर दिए

90

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दूरी हुई तो उन सेे क़रीब और हम हुए
ये कैसे फ़ासले थे जो बढ़ने से कम हुए

87

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दिल के दरवाज़े भेड़ कर देखो
जख़्म सारे उधेड़ कर देखो

बंद कमरे में आईने से कभी
तुम मेरा जिक्र छेड़ कर देखो

85

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शर्तें लगाई जाती नहीं दोस्ती के साथ
कीजे मुझे क़ुबूल मिरी हर कमी के साथ

84

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लड़ सको दुनिया से जज़्बों में वो शिद्दत चाहिए
इश्क़ करने के लिए इतनी तो हिम्मत चाहिए

कम से कम मैं ने छुपा ली देख कर सिगरेट तुम्हें
और इस लड़के से तुम को कितनी इज़्ज़त चाहिए

82

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जब मुंडेरों से धूप ढलती है
तो कमी उस की मुझ को खलती है

जो हथेली पे अपनी लिखती थी
दोस्ती प्यार में बदलती है

77

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मेरे नाम से क्या मतलब है तुम्हें मिट जाएगा या रह जाता है
जब तुम ने ही साथ नहीं रहना फिर पीछे क्या रह जाता है

मेरे पास आने तक और किसी की याद उसे खा जाती है
वो मुझ तक कम ही पहुँचता है किसी और जगह रह जाता है

214

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'कुम' कमी और सीमा को दर्शाता है, जो प्रचुर मात्रा में नहीं है उसकी फुसफुसाहट। कविता में, यह अक्सर अधिक की लालसा, अपर्याप्तता की पीड़ा, और सादगी में पाई जाने वाली सुंदरता को दर्शाता है।

कवि 'कुम' का उपयोग उस कमी के लिए लालसा और इच्छा की भावना को उभारने के लिए करते हैं। यह अनुपस्थिति की मौन विलाप है, प्रचुरता की मौन इच्छा। यह प्रचुरता के विपरीत है, जो न्यूनतम में सुंदरता को उजागर करता है।

'कुम' इच्छा की मौन गूंज है, जो कमी में सुंदरता की याद दिलाता है।