Meaning of

नाज़-ए-गिराँ

naaz-e-giraan • ناز گراں

गंभीर गर्व; बोझिल घमंड

heavy pride; burdensome vanity

بھاری ناز; بوجھل غرور

Persian

नाज़-ए-गिराँ एक ऐसे गर्व का सुझाव देता है जो आत्मा पर भारी पड़ता है, एक ऐसा घमंड जो शक्ति का स्रोत भी है और बोझ भी। कविता में, यह अक्सर गर्व की द्वैत प्रकृति को दर्शाता है - सशक्तिकरण और अलगाव दोनों।

कवि इस शब्द का उपयोग गर्व और उसके परिणामों की थीम को खोजने के लिए करते हैं। यह किसी चरित्र के अपने घमंड के साथ आंतरिक संघर्ष या अपनी ही महत्ता में खो जाने से उत्पन्न अलगाव को चित्रित कर सकता है।

नाज़-ए-गिराँ गर्व और अलगाव के बीच की महीन रेखा पर चिंतन का निमंत्रण देता है, आत्म की गहरी समझ की ओर प्रेरित करता है।