Meaning of
नश्शा-ए-पिंदार
nasha-e-pindaar • نشہ پندار
Hindi
गर्व का नशा; अहंकार
English
intoxication of pride; arrogance
Urdu
غرور کا نشہ; تکبر
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश गर्व के नशे को दर्शाता है, जहाँ व्यक्ति का आत्मबोध बढ़ जाता है। कविता में, यह अक्सर भ्रम या अति आत्मविश्वास की स्थिति का प्रतीक होता है, जो पतन की ओर ले जाता है।
Poetic Usage
कवि इसका उपयोग उन पात्रों को चित्रित करने के लिए करते हैं जो अपनी उपलब्धियों से अंधे हो जाते हैं। यह इस बात की चेतावनी देता है कि गर्व पतन से पहले आता है।
Closing Insight
गर्व का नशा एक दोधारी तलवार है, जो ऊँचाई और गहरे पतन दोनों का जोखिम प्रदान करता है।