Meaning of

निगाह-ए-दुज़-दीदा

nigaah-e-duz-deeda • نگاہ دزدیدہ

चोरी-छिपे देखना; गुप्त दृष्टि

furtive glance; secretive look

چوری چھپے دیکھنا; خفیہ نظر

Persian

यह वाक्यांश एक ऐसी दृष्टि का सार प्रस्तुत करता है जो सतर्क और प्रकट दोनों है। यह उस क्षण की ओर संकेत करता है जब छिपी हुई भावनाएँ उभर सकती हैं। कविता में, यह अक्सर इच्छा और संयम के बीच के तनाव को व्यक्त करता है।

'निगाह-ए-दुज़-दीदा' का उपयोग कवि अनकही प्रेम और छिपी इच्छाओं के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह आँखों के उस नाजुक नृत्य को चित्रित कर सकता है जो होंठ नहीं कह सकते।

'निगाह-ए-दुज़-दीदा' के क्षणिक पल में, बिना एक शब्द कहे भावनाओं की पूरी दुनिया का आदान-प्रदान होता है।