Meaning of
निगाह-ए-हसरत-ओ-अरमाँ
nigaah-e-hasrat-o-armaan • نگاہ حسرت و ارماں
Hindi
लालसा और इच्छा की दृष्टि; आशा और आकांक्षा की निगाह
English
glance of longing and desire; gaze of hope and yearning
Urdu
آرزو اور خواہش کی نگاہ; امید اور تمنا کی نظر
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश गहरी लालसा और अधूरी इच्छाओं की भावना को जागृत करता है। यह कुछ पाने की आशा के साथ देखने का सार पकड़ता है, फिर भी एक हल्की उदासी के साथ, जैसे कि दिल को पता है कि पूर्ति की संभावना नहीं है। कविता में, यह अक्सर एक आत्मा की तस्वीर बनाता है जो उस चीज़ के लिए तरसती है जो बस पहुँच से बाहर लगती है।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग अप्राप्त प्रेम या सपनों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर उन छंदों में प्रकट होता है जहाँ दिल उन इच्छाओं की बात करता है जो अधूरी रह जाती हैं। यह वाक्यांश खुशी के क्षणों के साथ विपरीत हो सकता है, मानव भावना की गहराई को उजागर करता है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, यह वाक्यांश आशा और निराशा के बीच के नाजुक नृत्य को पकड़ता है। यह हमें लालसा में सुंदरता की याद दिलाता है।