Meaning of
निगाह-ए-ख़ार
nigaah-e-khaar • نگاہ خار
Hindi
काँटेदार नज़र; चुभती हुई दृष्टि
English
thorny glance; piercing look
Urdu
نگاہ خار; چبھتی ہوئی نظر
Origin
Persian
Ash'aar
Nuance
'निगाह-ए-ख़ार' एक ऐसी नज़र की तीव्रता और तीक्ष्णता को दर्शाता है जो दिल को भेद सकती है। यह आकर्षण और खतरे की भावना को समेटे हुए है, जो उस सुंदरता की दोहरी प्रकृति को पकड़ता है जो एक साथ मोहित और घायल कर सकती है। कविता में, यह अक्सर प्रेम और पीड़ा के जटिल अंतर्संबंध का प्रतीक है।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग तीव्र भावनाओं के आकर्षण और खतरे को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह उन छंदों में प्रकट होता है जो प्रेम की खट्टे-मीठे स्वभाव की खोज करते हैं, जहाँ सुंदरता और पीड़ा अविभाज्य हैं।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, 'निगाह-ए-ख़ार' प्रेम की द्वैतता का सार पकड़ता है - इसकी चंगा करने और चोट पहुँचाने की शक्ति।
