Meaning of

निगाह-ए-पशेमाँ

nigaah-e-pashemaan • نگاہ پشیمان

पश्चाताप भरी दृष्टि; खेदपूर्ण नज़र

regretful gaze; remorseful look

پشیمان نظر; افسوس بھری نگاہ

Persian

'निगाह-ए-पशेमाँ' एक गहरे आत्मनिरीक्षण के क्षण को पकड़ता है, जहाँ आँखें पछतावे और लालसा की मौन कहानी बयां करती हैं। कविता में, यह अक्सर आत्मा के आंतरिक संघर्ष को दर्शाता है, जो अतीत की गलतियों से जूझ रहा है, मानव त्रुटियों की एक मार्मिक याद दिलाता है।

कवि 'निगाह-ए-पशेमाँ' का उपयोग पछतावे की मौन वाक्पटुता को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर आशावादी छवियों के साथ रखा जाता है, जो अतीत के दुख और भविष्य के उद्धार के बीच एक तनाव पैदा करता है। यह दृष्टि हृदय की गहरी स्वीकारोक्तियों को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण बन जाती है।

पछतावे की आँखों में, 'निगाह-ए-पशेमाँ' अपनी आवाज़ पाता है, हृदय के अनकहे दुखों की मौन गवाही।