Meaning of
निगह-ए-सब्र-आज़मा
nigaah-e-sabr-aazma • نگہ صبر آزما
Hindi
धैर्य की परीक्षा लेने वाली दृष्टि; धैर्य-आज़माने वाली नज़र
English
gaze that tests patience; patience-trying look
Urdu
صبر آزمانے والی نگاہ; صبر کی آزمائش کرنے والی نظر
Origin
Persian
Nuance
यह वाक्यांश एक ऐसी दृष्टि की तीव्रता को पकड़ता है जो किसी के धैर्य को चुनौती देती है। कविता में, यह अक्सर प्रेम या लालसा की परीक्षाओं का प्रतीक होता है, जहां एक मात्र दृष्टि गहरी भावनाओं को जगा सकती है और किसी के संकल्प की परीक्षा ले सकती है।
Poetic Usage
कवि इस शब्द का उपयोग इच्छा और संयम के बीच के तनाव को खोजने के लिए करते हैं। यह अक्सर अप्राप्त प्रेम के बारे में छंदों में पाया जाता है, जहां एक ही दृष्टि अनकही भावनाओं की मात्रा व्यक्त कर सकती है।
Closing Insight
कविता में, 'निगह-ए-सब्र-आज़मा' हृदय के मौन संवादों को दर्शाता है, जहां धैर्य एक गुण भी है और एक परीक्षा भी।