Meaning of

निगह-ए-साक़ी-ए-मय-ख़ाना

nigah-e-saaqi-e-may-khaana • نگہ ساقی مے خانہ

मयखाने के साक़ी की निगाह; शराब परोसने वाले की दृष्टि

gaze of the tavern's cupbearer; look of the wine server

مے خانے کے ساقی کی نگاہ; شراب پیش کرنے والے کی نظر

Persian

यह वाक्यांश मयखाने में साक़ी की मोहक और अक्सर रहस्यमयी निगाह को पकड़ता है, एक ऐसा पात्र जो न केवल शराब से बल्कि अपनी उपस्थिति से भी मदहोश करने की शक्ति रखता है। कविता में, यह निगाह आकर्षण और वास्तविकता से पलायन के वादे का प्रतीक बन जाती है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग निषिद्ध सुखों के आकर्षण को जगाने के लिए करते हैं। यह अक्सर एक ऐसे क्षण का प्रतीक होता है जो साधारण से परे होता है, एक मोहक दुनिया की झलक प्रदान करता है।

कविता में साक़ी की निगाह एक रहस्यमय द्वार है, जो आत्मा को साधारण से परे भटकने के लिए आमंत्रित करती है।