Meaning of

निगह-ए-शर्म

nigah-e-sharm • نگاہ شرم

शर्म की निगाह; संकोच की दृष्टि

glance of modesty; look of shyness

شرم کی نگاہ; جھجھک کی نظر

Persian

यह वाक्यांश एक शर्मीली निगाह की नाज़ुक और सूक्ष्म प्रकृति को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर मासूमियत, पवित्रता और आँखों के माध्यम से व्यक्त की गई अनकही भावनाओं का प्रतीक होता है।

कवि 'निगह-ए-शर्म' का उपयोग मासूमियत और अनकहे प्रेम के विषयों को उजागर करने के लिए करते हैं। यह साहसिक अभिव्यक्तियों के विपरीत होता है और सूक्ष्मता की शक्ति को उजागर करता है।

कविता में, 'निगह-ए-शर्म' मौन की वाक्पटुता और अनकहे भावनाओं की गहराई को समेटे हुए है।