Meaning of

निर्ख़-ए-सुख़न

nirkh-e-sukhan • نرخ سخن

वाणी का मूल्य; शब्दों का मूल्य

value of speech; worth of words

گفتگو کی قیمت; الفاظ کی قدر

Persian

यह वाक्यांश शब्दों के अंतर्निहित मूल्य और शक्ति को दर्शाता है। कविता में, यह सुझाव देता है कि शब्द केवल ध्वनि नहीं हैं, बल्कि वजन और महत्व रखते हैं, जो दिलों और दिमागों को प्रभावित करने में सक्षम हैं।

कवि अक्सर इस अवधारणा का अन्वेषण करते हैं ताकि भाषा की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर किया जा सके। यह मौन के विपरीत है, बोले गए शब्द के साथ आने वाली जिम्मेदारी को उजागर करता है।

कविता में, 'निर्ख़-ए-सुख़न' हमें याद दिलाता है कि शब्दों का गहरा प्रभाव हो सकता है।