Meaning of

पेचओख़म

pechokham • پیچ و خم

घुमाव और मोड़; जटिलताएँ

twists and turns; complexities

پیچ و خم; پیچیدگیاں

Persian

कभी तो चाहिए इस जिस्म-ए-ज़िंदाँ से रिहाई भी
कभी तो चाहिए अपनों से दिल को आशनाई भी

मेरी मंज़िल तेरी ज़ुल्फ़ों के पेच-ओ-ख़म से आगे है
मेरे ज़िम्में है घर वालों की रोटी भी दवाई भी

0

Download Image

ज़िंदगी में कोई भी हमदम नहीं है
शुक्र है ये रब का पेचो-ख़म नहीं है

5

Download Image

सुख़न अब तक तिरी ज़ुल्फ़ों के पेचओख़म में उलझा है
हमें जब इश्क़ होगा तो बयाँ अश'आर कर देंगे

1

Download Image

तेरी ज़ुल्फ़ों के पेच-ओ-ख़म में उलझे हैं वरना
इक दिन हम भी फ़लक पर होते बनके कोई सितारा

0

Download Image

कभी तो चाहिए इस जिस्म-ए-ज़िंदाँ से रिहाई भी
कभी तो चाहिए अपनों से दिल को आशनाई भी

मेरी मंज़िल तेरी ज़ुल्फ़ों के पेच-ओ-ख़म से आगे है
मेरे ज़िम्में है घर वालों की रोटी भी दवाई भी

0

Download Image

ज़िंदगी में कोई भी हमदम नहीं है
शुक्र है ये रब का पेचो-ख़म नहीं है

5

Download Image

यह वाक्यांश अप्रत्याशित परिवर्तनों और चुनौतियों से भरी यात्रा का सुझाव देता है। यह जीवन के जटिल रास्तों और मानव भावनाओं की जटिलता को दर्शाता है।

कवि इसे जीवन और प्रेम की अप्रत्याशित प्रकृति को चित्रित करने के लिए उपयोग करते हैं। यह अक्सर आत्मा की यात्रा को कठिनाइयों और परीक्षाओं के माध्यम से दर्शाने के लिए उपयोग किया जाता है।

जीवन की भूलभुलैया में, घुमाव और मोड़ हमारी यात्रा को परिभाषित करते हैं।