Meaning of

पुर-गुल

pur-gul • پر گل

फूलों से भरा; पुष्पों से सजा

full of flowers; adorned with blossoms

پھولوں سے بھرا; پھولوں سے سجا

Persian

मेरे पीछे ज़माना पड़ गया है
गले रब को लगाना पड़ गया है

बनाना था कहीं पर ग्लोब हम को
तेरा चेहरा बनाना पड़ गया है

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मुँह पर नक़ाब-ए-ज़र्द हर इक ज़ुल्फ़ पर गुलाल
होली की शाम ही तो सहर है बसंत की

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किसी को क्यूँ दिखाते हो अभी अंदाज़ नफ़रत के
यहाँ पर गुल खिले है जब मिरे जानाँ मोहब्बत के

अगर ढूँढो तो मिल जाए ख़ुदा भी अब किताबों में
किताबों में नहीं मिलते यहाँ बस राज़ उल्फ़त के

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शिकवा सजा हुआ है ये लब पर गुलाब के
बोसा हमारा आज 'शजर' ने नहीं लिया

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हम ने भी इक ज़हर तो पिया है
पर गिला ये कि ज़िंदा हैं अब तक

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मेरे पीछे ज़माना पड़ गया है
गले रब को लगाना पड़ गया है

बनाना था कहीं पर ग्लोब हम को
तेरा चेहरा बनाना पड़ गया है

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मुँह पर नक़ाब-ए-ज़र्द हर इक ज़ुल्फ़ पर गुलाल
होली की शाम ही तो सहर है बसंत की

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अपने मूल अर्थ में, 'पुर-गुल' एक ऐसे बगीचे की छवि प्रस्तुत करता है जो पूरी तरह से खिला हुआ है, जहाँ रंग-बिरंगे फूल और कोमल सुगंधें होती हैं। कविता ने इस शब्द को सुंदरता, प्रचुरता और जीवन की क्षणभंगुरता के प्रतीक के रूप में अपनाया है, जैसे फूलों का क्षणिक खिलना।

'पुर-गुल' का उपयोग कवि अक्सर प्राकृतिक सुंदरता के दृश्यों का वर्णन करने के लिए करते हैं। यह भावनाओं की प्रचुरता या जीवन की पूर्णता को भी व्यक्त कर सकता है। बंजर या वीरान छवियों के विपरीत, 'पुर-गुल' जीवन्तता और उत्सव की भावना को सामने लाता है।

कविता के क्षेत्र में, 'पुर-गुल' जीवन की सुंदरता और क्षणभंगुरता का प्रमाण है। यह हमें उन क्षणों की याद दिलाता है जो हमारे अस्तित्व को रंगीन बनाते हैं।