Meaning of
रास-लीला
raas-leela • بالائیں
Hindi
दिव्य नृत्य; कृष्ण का नटखट नृत्य
English
divine dance; playful dance of Krishna
Urdu
الہی رقص; کرشن کا شوخ رقص
Origin
Sanskrit
Nuance
रास-लीला भगवान कृष्ण की गोपियों के साथ दिव्य नटखटता और ब्रह्मांडीय नृत्य को दर्शाती है। यह दिव्य और सांसारिक के मिलन का प्रतीक है, प्रेम और भक्ति का नृत्य जो सांसारिकता से परे है। कविता में, यह जीवन के शाश्वत नृत्य का रूपक है, जहाँ आनंद और दिव्यता का संगम होता है।
Poetic Usage
कवि रास-लीला का उपयोग जीवन और प्रेम के नृत्य को दर्शाने के लिए करते हैं। इसे अक्सर दिव्य प्रेम की खुशी, नश्वर और दिव्य के बीच की नटखट बातचीत को व्यक्त करने के लिए बुलाया जाता है। यह सांसारिकता के विपरीत है, सच्चे संबंध के क्षणों में पाए जाने वाले आध्यात्मिक आनंद को उजागर करता है।
Closing Insight
रास-लीला ब्रह्मांडीय प्रेम का नृत्य है, मानव हृदय में दिव्य खेल की याद दिलाता है।