Meaning of

रश्क-ए-जन्नत

rashk-e-jannat • رشک جنت

स्वर्ग की ईर्ष्या; अत्यधिक सुंदर

envy of paradise; something exceedingly beautiful

جنت کی حسد; بے حد خوبصورت

Persian

यह वाक्यांश इतनी गहरी सुंदरता की भावना को जागृत करता है कि यह स्वयं स्वर्ग की भव्यता को चुनौती देता है। कविता में, यह उस विस्मय और प्रशंसा को पकड़ता है जो ऐसी भव्यता का सामना करने पर महसूस होती है।

कवि अक्सर इस वाक्यांश का उपयोग प्रिय की सुंदरता का वर्णन करने के लिए करते हैं, इसे स्वर्ग के दिव्य आकर्षण से तुलना करते हैं। यह प्रिय के अतुलनीय आकर्षण का प्रमाण है।

कविता के क्षेत्र में, 'रश्क-ए-जन्नत' अतुलनीय सुंदरता का प्रतीक है। यह पाठक को दिव्यता की कल्पना करने के लिए आमंत्रित करता है।