Meaning of
रश्क-ए-जिनाँ
rashk-e-jinaan • رشک جناں
Hindi
स्वर्ग का ईर्ष्या; अनुपम सुंदरता
English
envy of paradise; beauty beyond compare
Urdu
جنت کی رشک; بے مثال خوبصورتی
Origin
Persian
Nuance
मूल रूप से, यह वाक्यांश ऐसी सुंदरता का विचार प्रस्तुत करता है कि स्वर्गीय बाग भी ईर्ष्या करें। कविता में इसे अनुपम सुंदरता व्यक्त करने के लिए अपनाया गया है, अक्सर किसी प्रिय या आदर्श दृश्य का वर्णन करने के लिए।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग किसी व्यक्ति या स्थान की असाधारण सुंदरता को उजागर करने के लिए करते हैं। यह अक्सर रोमांटिक कविता में दिखाई देता है, जहाँ प्रिय की तुलना स्वर्ग की दिव्य सुंदरता से की जाती है।
Closing Insight
रश्क-ए-जिनाँ उस सुंदरता का सार पकड़ता है जो सांसारिक सीमाओं को पार करती है, आत्मा को दिव्यता का सपना देखने के लिए आमंत्रित करती है।