Meaning of
रश्क-ए-लैला
rashk-e-laila • رشک لیلیٰ
Hindi
लैला की ईर्ष्या; प्रिय की जलन
English
envy of Layla; jealousy of a beloved
Urdu
رشک لیلیٰ; محبوب کی حسد
Origin
Persian
Nuance
'रश्क-ए-लैला' वाक्यांश मूल रूप से लैला की पौराणिक सुंदरता और आकर्षण को संदर्भित करता है, जो फारसी साहित्य की एक प्रसिद्ध पात्र है। कविता में, यह किसी ऐसे व्यक्ति के लिए गहरी ईर्ष्या या प्रशंसा का प्रतीक बन गया है जो अत्यधिक प्रिय या अप्राप्य रूप से सुंदर है।
Poetic Usage
कवि अक्सर 'रश्क-ए-लैला' का उपयोग ईर्ष्या और प्रशंसा की जटिल भावनाओं को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह आदर्शीकृत प्रेम की लालसा या प्रिय की अप्राप्य सुंदरता को चित्रित कर सकता है। यह शब्द संतोष के विपरीत होता है, इच्छा और वास्तविकता के बीच के तनाव को उजागर करता है।
Closing Insight
काव्यात्मक कल्पना में, 'रश्क-ए-लैला' लालसा और प्रशंसा की मधुर-कड़वी प्रकृति को पकड़ता है। यह इच्छा और पूर्ति के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।