Meaning of
रश्क-ए-मजनूँ
rashk-e-majnoon • رشک مجنوں
Hindi
मजनूँ की ईर्ष्या; अतुलनीय प्रेम
English
envy of Majnun; unparalleled passion
Urdu
مجنوں کی رشک; بے مثال عشق
Origin
Persian
Nuance
रश्क-ए-मजनूँ मजनूँ के लैला के प्रति गहरे और सर्वग्राही प्रेम को दर्शाता है, एक ऐसा प्रेम जो आदर्श बन जाता है। कविता में, यह एक अप्राप्य आदर्श का प्रतीक है, एक ऐसा प्रेम जो आशीर्वाद और अभिशाप दोनों है।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग अपनी भावनाओं की गहराई को व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसे अक्सर अपने प्रेम की तुलना मजनूँ के प्रसिद्ध प्रेम से करने के लिए उद्धृत किया जाता है। यह सच्चे प्रेम की तीव्रता और कभी-कभी पागलपन को उजागर करता है।
Closing Insight
रश्क-ए-मजनूँ प्रेम की उस शक्ति का प्रमाण है जो तर्क से परे है। यह हमें मानव हृदय में उलझी सुंदरता और त्रासदी की याद दिलाता है।