Meaning of
रश्क-ए-मसीह
rask-e-masiha • رشک مسیح
Hindi
मसीह की ईर्ष्या; दिव्य ईर्ष्या
English
envy of Messiah; divine envy
Urdu
مسیح کی حسد; الہی حسد
Origin
Persian
Ash'aar
Nuance
यह वाक्यांश दिव्य या स्वर्गीय ईर्ष्या की भावना को जागृत करता है, जहाँ मसीह के गुण इतने उच्च होते हैं कि वे गहरी प्रशंसा और लालसा को प्रेरित करते हैं। कविता में, इस वाक्यांश का उपयोग अक्सर किसी व्यक्ति या आदर्श की अप्राप्य सुंदरता या सद्गुण को उजागर करने के लिए किया जाता है।
Poetic Usage
कवि इस वाक्यांश का उपयोग विस्मय और श्रद्धा की भावना व्यक्त करने के लिए करते हैं। इसका उपयोग अक्सर ऐसी सुंदरता या सद्गुण का वर्णन करने के लिए किया जाता है जो मानव पहुँच से परे लगता है। यह वाक्यांश सांसारिक इच्छाओं और स्वर्गीय आदर्शों के बीच भी विरोधाभास कर सकता है।
Closing Insight
'रश्क-ए-मसीह' अपनी काव्यात्मक सार में मानव आकांक्षा और दिव्य पूर्णता के बीच के तनाव को पकड़ता है।
