Meaning of

रश्क-ए-रक़ीब

rask-e-raqeeb • رشک رقیب

प्रतिद्वंद्वी की ईर्ष्या; प्रतिद्वंद्वी की जलन

envy of the rival; jealousy of the competitor

حریف کی حسد; حریف کی جلن

Persian

यह वाक्यांश प्रतिद्वंद्वी के प्रति गहरी ईर्ष्या की भावना को दर्शाता है, अक्सर प्रेम या प्रशंसा के मामलों में। कविता में, यह भावनात्मक उथल-पुथल और प्रतिद्वंद्वी की स्थिति को पार करने की जलती हुई इच्छा को पकड़ता है।

कवि इस वाक्यांश का उपयोग प्रेमी के आंतरिक संघर्ष को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अक्सर प्रशंसा और नाराजगी के बीच के तनाव को उजागर करता है। इस वाक्यांश का उपयोग प्रतिद्वंद्विता और महत्वाकांक्षा के विषयों को खोजने के लिए भी किया जा सकता है।

कविता की दुनिया में, 'रश्क-ए-रक़ीब' मानव भावनाओं की जटिलताओं को प्रतिबिंबित करने वाला एक दर्पण बन जाता है।