Meaning of

रश्क-ए-रुख़-ए-यार

rask-e-rukh-e-yaar • رشک رخ یار

प्रिय के चेहरे की ईर्ष्या; प्रशंसा

envy of the beloved's face; admiration

محبوب کے چہرے کی رشک; تعریف

Persian

रश्क-ए-रुख़-ए-यार प्रिय के सौंदर्य की ओर निर्देशित प्रशंसा और ईर्ष्या के जटिल अंतर्संबंध को पकड़ता है। कविता में, यह प्रेमी की गहरी लालसा और अप्राप्य पूर्णता के मधुर-दुखद दर्द को दर्शाता है। प्रिय का चेहरा दिव्य सौंदर्य का प्रतीक बन जाता है, जो विस्मय और लालसा दोनों को प्रेरित करता है।

कवि अक्सर रश्क-ए-रुख़-ए-यार का उपयोग सौंदर्य और इच्छा के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अप्राप्य और दिव्यता पर एक चिंतन है, जहां प्रिय का चेहरा प्रेमी की आत्मा का दर्पण बन जाता है। यह शब्द श्रद्धा और लालसा की भावना को जागृत करता है।

रश्क-ए-रुख़-ए-यार सौंदर्य की शक्ति का प्रमाण है जो प्रशंसा और लालसा दोनों को प्रेरित करता है। यह इच्छा और श्रद्धा के बीच के शाश्वत नृत्य को पकड़ता है।