Meaning of

रस्म-ए-कुहन

rasm-e-kuhan • رسم کہن

प्राचीन प्रथा; पुरानी परंपरा

ancient custom; old tradition

قدیم رسم; پرانی روایت

Persian

‘रस्म-ए-कुहन’ वाक्यांश इतिहास के भार और मानव प्रथाओं की निरंतरता को दर्शाता है। कविता में, यह अक्सर उन परंपराओं के बंधनकारी स्वभाव का प्रतीक है जो समय के साथ बनी रहती हैं, पहचान और समाज को आकार देती हैं।

कवि 'रस्म-ए-कुहन' का उपयोग पुरानी यादों और परिवर्तन के प्रतिरोध के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अतीत की लालसा को दर्शा सकता है या पुरानी प्रथाओं की बाधाओं की आलोचना कर सकता है।

काव्यिक क्षेत्र में, 'रस्म-ए-कुहन' अतीत और वर्तमान के बीच एक पुल के रूप में कार्य करता है, परंपरा के स्थायी प्रभाव पर चिंतन के लिए आमंत्रित करता है।