Meaning of
रिवाज-ओ-रस्म-ए-जहाँ
rivaaj-o-rasm-e-jahan • رواج و رسم جہاں
Hindi
दुनिया के रीति-रिवाज और परंपराएँ
English
Customs and traditions of the world
Urdu
دنیا کے رواج و رسم
Origin
Persian
Nuance
'रिवाज-ओ-रस्म-ए-जहाँ' वाक्यांश दुनिया के रीति-रिवाजों और परंपराओं के सार को पकड़ता है। कविता में, यह अक्सर सामाजिक मानदंडों और विरासत में मिली प्रथाओं के महत्व को दर्शाता है, कभी-कभी उनकी प्रासंगिकता पर सवाल उठाता है या उनकी निरंतरता का जश्न मनाता है।
Poetic Usage
कवि 'रिवाज-ओ-रस्म-ए-जहाँ' का उपयोग परंपरा बनाम आधुनिकता के विषयों की खोज के लिए करते हैं। यह अतीत के लिए उदासीनता को उकसा सकता है या सामाजिक अपेक्षाओं की बाधाओं की आलोचना कर सकता है।
Closing Insight
समय के नृत्य में, 'रिवाज-ओ-रस्म-ए-जहाँ' हमें परिवर्तन और निरंतरता के बीच के नाजुक संतुलन की याद दिलाता है।