Meaning of

रू-ए-सियाह

roo-e-siyaah • رو سیاہ

काला चेहरा; शर्म; अपमान

black face; shame; disgrace

کالا چہرہ; شرم; ذلت

Persian

‘रू-ए-सियाह’ एक ऐसे चेहरे की छवि प्रस्तुत करता है जो शर्म या अपमान से काला हो गया है। काव्यात्मक रूप से, यह उन व्यक्तियों के आंतरिक संघर्ष और सामाजिक निर्णय को दर्शाता है जिन्होंने गलती की है या जिनके साथ अन्याय हुआ है।

कवि 'रू-ए-सियाह' का उपयोग अपराधबोध, पछतावे और सामाजिक तिरस्कार के विषयों को व्यक्त करने के लिए करते हैं। यह अंतरात्मा के बोझ या सार्वजनिक राय की कठोरता का प्रतीक हो सकता है।

कविता में, 'रू-ए-सियाह' मानव त्रुटियों की छायाओं और मुक्ति की खोज को प्रतिबिंबित करने वाला दर्पण है।