Meaning of
रूह-ए-मज़हब
rooh-e-mazhab • روح مذہب
Hindi
धर्म की आत्मा; आस्था का सार
English
soul of religion; essence of faith
Urdu
روح مذہب; ایمان کی جوہر
Origin
Arabic
Nuance
‘रूह-ए-मज़हब’ शब्द उस गहरी आध्यात्मिकता का आभास कराता है जो अनुष्ठानों और सिद्धांतों से परे है। यह विश्वास के उस मूल की बात करता है जहाँ हृदय को ठहराव और अर्थ मिलता है। कविता में, यह अक्सर दिव्य सत्य की खोज और आंतरिक शांति की अनंत खोज का प्रतीक होता है।
Poetic Usage
कवि ‘रूह-ए-मज़हब’ का उपयोग आध्यात्मिक जागृति और दिव्यता और आत्म के बीच की गहन कड़ी को अन्वेषित करने के लिए करते हैं। यह धर्म के बाहरी अभ्यासों के विपरीत, आंतरिक यात्रा पर केंद्रित होता है। यह शब्द अक्सर विश्वास के रहस्यों और आत्मा की अनंत के लिए लालसा पर विचार करने वाली पंक्तियों में प्रकट होता है।
Closing Insight
कविता के क्षेत्र में, ‘रूह-ए-मज़हब’ आत्मा को अनंत की ओर ले जाने वाला एक प्रकाशस्तंभ है, भीतर के पवित्र का स्मरण कराता है।