Meaning of

रूह-ए-यज़्दाँ

rooh-e-yazdaan • روح یزداں

ईश्वर की आत्मा; दिव्य सार

spirit of God; divine essence

خدا کی روح; الہی جوہر

Persian

यह वाक्यांश दिव्य उपस्थिति को दर्शाता है, एक ऐसा सार जो सांसारिक क्षेत्र से परे है। कविता में, यह अक्सर परम सत्य या आध्यात्मिक अस्तित्व के मूल को दर्शाता है।

कवि 'रूह-ए-यज़्दाँ' का आह्वान आध्यात्मिकता और दिव्य संबंध के विषयों का अन्वेषण करने के लिए करते हैं। यह भौतिकवाद के विपरीत, अनंत का एक झलक प्रदान करता है।

कविता में, 'रूह-ए-यज़्दाँ' दिव्यता का एक प्रकाशस्तंभ है, जो आत्मा को प्रबोधन की ओर ले जाता है।